Delhi Rain: कुछ घंटे की बारिश ने खोली दिल्ली की जलभराव व्यवस्था की पोल, त्रिलोकपुरी में AAP पार्षद विजय कुमार ने जताया विरोध
नई दिल्ली, 28 जुलाई : राजधानी दिल्ली में मंगलवार को हुई तेज बारिश ने एक बार फिर जलभराव की समस्या को सामने ला दिया। कुछ घंटे की बारिश के बाद दिल्ली के कई इलाकों में सड़कें पानी से भर गईं और लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। पूर्वी दिल्ली के त्रिलोकपुरी वार्ड में भी जलभराव की स्थिति देखने को मिली, जिसके बाद आम आदमी पार्टी के पार्षद विजय कुमार ने मौके पर विरोध जताते हुए दिल्ली सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए।
दिल्ली में हुई बारिश से जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली, वहीं कई इलाकों में जलभराव ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। सड़कों पर पानी जमा होने के कारण पैदल चलने वाले लोगों के साथ-साथ वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर बारिश का पानी काफी देर तक सड़कों पर जमा रहा।
त्रिलोकपुरी वार्ड में जलभराव की स्थिति को लेकर आम आदमी पार्टी के पार्षद विजय कुमार ने अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। वह जलभराव वाली सड़क पर लेट गए और दिल्ली सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। पार्षद ने आरोप लगाया कि दिल्ली में जलभराव को लेकर सरकार की ओर से किए जा रहे दावे जमीनी स्तर पर फेल साबित हो रहे हैं।
विजय कुमार ने कहा कि कुछ घंटे की बारिश में ही दिल्ली के कई हिस्सों में जलभराव हो गया। उनका आरोप है कि बारिश से पहले जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने और नालियों की सफाई को लेकर पर्याप्त तैयारी नहीं की गई, जिसके कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
AAP पार्षद ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हर मामले में विफल साबित हो रही हैं और दिल्ली में जलभराव की समस्या सरकार की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रही है। पार्षद ने कहा कि सरकार की ओर से जलभराव की समस्या से निपटने के लिए किए गए दावे और वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।
बारिश के बाद पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में जलभराव को लेकर स्थानीय स्तर पर नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि मानसून के दौरान हर साल जलभराव की समस्या सामने आती है, लेकिन इसका स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नालियों और सीवर की सफाई कराने तथा पानी की निकासी की व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग की है।
वहीं, बारिश के बाद दिल्ली के अन्य हिस्सों में भी जलभराव की शिकायतें सामने आईं। इससे एक बार फिर राजधानी की ड्रेनेज व्यवस्था और मानसून की तैयारियों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में पानी की निकासी के लिए कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और आने वाली बारिश के दौरान ऐसी स्थिति से बचने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।



