Delhi Crime: बस यात्रियों को नशीला पदार्थ खिलाकर लूटने वाला गिरोह गिरफ्तार, लाखों की संपत्ति बरामद
नई दिल्ली, पूर्वी दिल्ली | संवाददाता
पूर्वी दिल्ली जिले की पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस ने एक अंतरराज्यीय अपराधी गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो बसों में यात्रा करने वाले लोगों को नशीला पदार्थ खिलाकर उनके कीमती सामान और पैसों की लूटपाट करता था। पुलिस ने इस गिरोह के दो शातिर सदस्यों — आदिल (25 वर्ष), निवासी हरदोई, उत्तर प्रदेश और आलोक मिश्रा (23 वर्ष), निवासी लोहनी, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश — को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 16 महंगे मोबाइल फोन, एक डेल लैपटॉप, सोने-चांदी के गहने, चोरी किए गए डेबिट और क्रेडिट कार्ड, एक टावर स्पीकर और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। इस कार्रवाई से पुलिस ने कई राज्यों में फैले अपराध नेटवर्क को तोड़ने में सफलता हासिल की है।
मामला 13 अगस्त 2025 का है जब शिकायतकर्ता मोहम्मद उस्मान आनंद विहार से मुरादाबाद जा रहे थे। बस में एक अजनबी व्यक्ति ने उनसे बातचीत शुरू की और उन्हें पानी की बोतल दी। पानी पीने के कुछ ही मिनटों बाद उस्मान बेहोश हो गए और जब होश आया तो उन्होंने खुद को मुरादाबाद सिविल अस्पताल में पाया। उनका मोबाइल फोन, बैग और ₹8,000 नकद गायब थे। जांच में सामने आया कि बेहोशी की हालत में उनके बैंक खाते से ₹45,000 से अधिक की ऑनलाइन निकासी भी की गई थी।
थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश की अगुवाई में एचसी हर्षित, एचसी अनुज और एचसी सुनील की टीम ने एसीपी मदन विहार तिलक चंद बिष्ट के निर्देशन में जांच शुरू की। पुलिस ने यमुना विहार एसबीआई एटीएम की सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की मदद से अपराधियों की पहचान की। तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को शास्त्री नगर, दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे आनंद विहार और कौशांबी बस अड्डों पर देर रात और तड़के लंबी दूरी के यात्रियों को निशाना बनाते थे। वे पहले यात्रियों से दोस्ती करते, फिर पानी, बिस्किट या स्नैक्स में नशीला पदार्थ मिलाकर देते थे। जब यात्री बेहोश हो जाता, तो उसका मोबाइल, पर्स, गहने और जरूरी दस्तावेज लेकर फरार हो जाते। बाद में चोरी किए गए मोबाइल के माध्यम से यूपीआई और एटीएम पिन बदलकर खातों से पैसे निकाल लेते थे।
पुलिस पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि उन्होंने अब तक कई यात्रियों को इसी तरह से ठगा है और लगभग ₹10 लाख से अधिक की रकम हड़प चुके हैं।
आदिल अली (25 वर्ष), जो हरदोई (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है और वर्तमान में शास्त्री पार्क, दिल्ली में किराए पर रह रहा था, इस गिरोह का सरगना है। वह पहले एक रेस्टोरेंट में काम करता था और वहीं से लोगों से बातचीत और भरोसा जीतने की आदत सीखी। दूसरी ओर, आलोक मिश्रा (23 वर्ष) गाज़ियाबाद के लोहनी इलाके का निवासी है और पहले टेडी बियर बनाने का काम करता था। वह ₹20,000 महीने की आमदनी के लालच में इस गिरोह में शामिल हो गया।
पुलिस का कहना है कि बरामद सामान को विभिन्न चोरी और धोखाधड़ी के मामलों से जोड़ा जा रहा है। साथ ही अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान करने के लिए भी जांच जारी है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि यह गिरोह और किन राज्यों में सक्रिय था और क्या इसके और भी सदस्य हैं।



