NEET Exam Controversy: पेपर लीक और धांधली के आरोपों पर शिक्षक अलीम चौधरी ने उठाए सवाल, छात्रों के भविष्य को लेकर जताई चिंता
पूर्वी दिल्ली में NEET परीक्षा को लेकर देशभर में उठे पेपर लीक और धांधली के आरोपों के बीच छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। इसी मुद्दे पर शिक्षक अलीम चौधरी ने परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यह मामला केवल एक पेपर लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि लाखों मेहनती छात्रों के सपनों और भविष्य से जुड़ा हुआ है। उनका कहना है कि जो छात्र कई वर्षों तक दिन-रात मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते हैं, उनकी मेहनत को कुछ लोगों ने पैसों और गलत तरीकों के जरिए प्रभावित किया है, जिससे शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
अलीम चौधरी ने कहा कि NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में पारदर्शिता और निष्पक्षता सबसे ज्यादा जरूरी होती है, क्योंकि लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर इस परीक्षा में शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि जब मेहनत करने वाले छात्रों को यह महसूस होता है कि कुछ लोग गलत तरीके से बेहतर अंक हासिल कर रहे हैं, तो इससे ईमानदार छात्रों का मनोबल टूटता है। उनका कहना है कि कई छात्र 2 से 3 साल तक लगातार कोचिंग और पढ़ाई में अपना पूरा समय लगा देते हैं, लेकिन अगर परीक्षा प्रक्रिया पर ही सवाल उठने लगें तो छात्रों का भरोसा पूरी व्यवस्था से उठने लगता है।
शिक्षक अलीम चौधरी ने यह भी कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव पहले से ही छात्रों पर बहुत ज्यादा होता है। छात्र मानसिक तनाव, चिंता और लगातार प्रतिस्पर्धा के दबाव में रहते हैं। ऐसे में जब पेपर लीक और धांधली जैसी खबरें सामने आती हैं तो छात्रों का मानसिक तनाव कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि हर साल प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े डिप्रेशन और आत्महत्या के मामले सामने आते हैं, जो बेहद गंभीर विषय है। उनका मानना है कि अगर समय रहते शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किए गए तो आने वाले समय में छात्रों का भरोसा पूरी तरह कमजोर हो सकता है।
अलीम चौधरी ने दोबारा परीक्षा कराने की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि केवल री-एग्जाम कराना ही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि असली दोषियों तक पहुंचा जा सके। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA में बड़े स्तर पर सुधार की जरूरत बताई। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली को तकनीकी रूप से और ज्यादा मजबूत बनाना होगा ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
वहीं छात्रों और अभिभावकों का भी कहना है कि अगर परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित नहीं रही तो मेहनती छात्रों का भविष्य लगातार खतरे में पड़ता रहेगा। लोगों का मानना है कि सरकार और संबंधित एजेंसियों को इस मामले में सख्त कदम उठाने चाहिए ताकि छात्रों का भरोसा दोबारा कायम किया जा सके। शिक्षा विशेषज्ञों का भी कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह सीधे देश के युवाओं के भविष्य और करियर से जुड़ा मामला है।



