Race Course Mosque Notice: पीएम आवास के पास स्थित ऐतिहासिक रेस कोर्स मस्जिद को 6 दिन में खाली करने का नोटिस, बिजली-पानी की सप्लाई बंद
नई दिल्ली के लुटियंस जोन में प्रधानमंत्री आवास के ठीक समीप स्थित आजादी से पहले की ऐतिहासिक रेस कोर्स मस्जिद को लेकर प्रशासनिक और विधिक विवाद चरम पर पहुंच गया है। केंद्र सरकार के भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) द्वारा जारी बेदखली नोटिस के तहत मस्जिद प्रबंधन को छह दिन के भीतर पूरा परिसर खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया है। इस नोटिस के तामील होने के साथ ही प्रशासन ने मस्जिद और उससे जुड़ी संपत्तियों की बिजली और पानी की आपूर्ति पूरी तरह काट दी है, जिसके चलते मस्जिद में नियमित नमाज अदायगी और धार्मिक गतिविधियों पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष है कि यह संपूर्ण भूमि भारत सरकार के भूमि एवं विकास कार्यालय के स्वामित्व में आती है और अदालत के आदेशों के अनुपालन में पूरे क्षेत्र से अनधिकृत निर्माण और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस कार्रवाई की जद में रेस कोर्स रोड के आसपास बसी झुग्गी बस्तियों में रहने वाले करीब 700 परिवार भी आ रहे हैं, जिन्हें जगह खाली करने के नोटिस दिए गए हैं और पात्र लोगों को वैकल्पिक पुनर्वास उपलब्ध कराने की बात कही जा रही है। हालांकि, मस्जिद की बिजली और पानी की लाइनें अचानक काटे जाने से मुस्लिम संगठनों, वक्फ बोर्ड और स्थानीय नमाजियों में गहरा रोष फैल गया है।
मस्जिद के इमाम मौलाना हारून राही और दिल्ली वक्फ बोर्ड ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए स्पष्ट किया है कि रेस कोर्स मस्जिद एनडीएमसी की आधिकारिक हेरिटेज सूची में ‘ग्रेड-2’ धरोहर के रूप में दर्ज है। वक्फ बोर्ड के अनुसार, वर्ष 1977 की दिल्ली गजट अधिसूचना के तहत यह मस्जिद और इससे लगा कब्रिस्तान आधिकारिक वक्फ संपत्ति के रूप में अधिसूचित हैं, जिसका सरकारी रिकॉर्ड मौजूद है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जमीयत उलमा-ए-हिंद के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से मुलाकात कर ऐतिहासिक दस्तावेजों की जांच करने और बुनियादी सुविधाएं तुरंत बहाल करने की मांग की है, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने कानूनी पहलुओं की समीक्षा कर समाधान निकालने का आश्वासन दिया है।



