Cyber Crime News: फर्जी प्लेसमेंट एजेंसी का भंडाफोड़, नौकरानी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की साइबर थाना शाहदरा टीम ने घरेलू नौकरानी उपलब्ध कराने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड समेत एक महिला आरोपी को दबोचा है, जो कथित तौर पर कई परिवारों को ठगने के लिए एक ही नौकरानी का बार-बार इस्तेमाल करते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड, रबर स्टांप, पंजीकरण दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री भी बरामद की है।
मामले की शुरुआत उस समय हुई जब दिल्ली निवासी शालिनी मेहता ने साइबर थाना शाहदरा में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से घरेलू नौकरानी रखने के लिए कुमार नरसिंह ब्यूरो एंड प्लेसमेंट सर्विस नामक एजेंसी से संपर्क किया था। एजेंसी की ओर से झानवी नाम की एक महिला को ट्रायल आधार पर उनके घर भेजा गया था।
शिकायतकर्ता को भरोसा दिलाया गया कि निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद नौकरानी का पुलिस सत्यापन और औपचारिक अनुबंध की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। एजेंसी की बातों पर विश्वास करते हुए शालिनी मेहता ने 20 हजार रुपये गूगल पे के माध्यम से और 13 हजार रुपये नकद भुगतान किए। इस प्रकार उन्होंने कुल 33 हजार रुपये एजेंसी को दिए।
कुछ दिनों तक सब सामान्य चलता रहा, लेकिन 21 मई 2026 को नौकरानी अचानक घर से गायब हो गई। बताया गया कि वह बाथरूम जाने की बात कहकर निकली और फिर वापस नहीं लौटी। जब शिकायतकर्ता ने प्लेसमेंट एजेंसी से संपर्क किया तो शुरू में उन्हें दूसरी नौकरानी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। बाद में एजेंसी संचालकों और नौकरानी के मोबाइल फोन बंद हो गए और उनसे संपर्क पूरी तरह टूट गया।
खुद को ठगी का शिकार महसूस करने के बाद पीड़िता ने पुलिस से संपर्क किया। शिकायत के आधार पर साइबर थाना शाहदरा में मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने तकनीकी और वित्तीय जांच के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई।
जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल नंबरों, आईएमईआई डिटेल्स, डिजिटल फुटप्रिंट और बैंकिंग लेन-देन का विश्लेषण किया। तकनीकी निगरानी और एकत्रित साक्ष्यों के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 36 वर्षीय हिताई मुखिया, जो पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, और 22 वर्षीय झानवी कुमारी शामिल हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे कुमार नरसिंह ब्यूरो एंड प्लेसमेंट सर्विस और एच.के. मैनपावर कंसल्टेंसी के नाम से फर्जी प्लेसमेंट एजेंसियां चला रहे थे। इन एजेंसियों के माध्यम से वे घरेलू सहायकों की तलाश कर रहे लोगों को निशाना बनाते थे। ग्राहकों से एडवांस भुगतान, अनुबंध शुल्क और पुलिस सत्यापन शुल्क के नाम पर पैसे वसूले जाते थे।
आरोपियों का तरीका बेहद सुनियोजित था। भुगतान मिलने के बाद झानवी कुमारी को ग्राहक के घर भेज दिया जाता था। कुछ दिनों बाद वह जानबूझकर घर छोड़कर चली जाती थी। इसके बाद एजेंसी संचालक ग्राहकों को झूठे आश्वासन देते रहते या उनके फोन उठाना बंद कर देते। बाद में उसी नौकरानी को किसी अन्य ग्राहक के घर भेजकर दोबारा पैसे वसूले जाते थे। इस तरह एक ही महिला का उपयोग कर कई लोगों को ठगा जाता था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, पांच सिम कार्ड, एक एटीएम कार्ड, प्लेसमेंट एजेंसियों के पंपलेट, दो रबर स्टांप, पंजीकरण दस्तावेजों के बंडल और नकद रसीदों के रिकॉर्ड बरामद किए हैं। जांच एजेंसियां अब इन दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की मदद से अन्य पीड़ितों तथा गिरोह के संभावित सहयोगियों की पहचान करने में जुटी हुई हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से घरेलू सहायकों की भर्ती करने वाले लोगों के लिए एक चेतावनी है। नागरिकों को किसी भी प्लेसमेंट एजेंसी की विश्वसनीयता की पूरी जांच करने, पुलिस सत्यापन सुनिश्चित करने और बिना पर्याप्त पुष्टि के अग्रिम भुगतान करने से बचने की सलाह दी गई है।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 33 हजार रुपये की ठगी के मामले का खुलासा कर दिया है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और संभावित पीड़ितों की पहचान के लिए जांच जारी है।



