Homeदिल्ली-एनसीआरCyber Fraud News: शादी कराने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह...

Cyber Fraud News: शादी कराने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, फर्जी कॉल सेंटर नेटवर्क का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

Cyber Fraud News: शादी कराने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, फर्जी कॉल सेंटर नेटवर्क का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की साइबर शाहदरा थाना टीम ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए शादी कराने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले नेटवर्क के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। आरोपी कई राज्यों में फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर लोगों को विवाह संबंधी सेवाओं का झांसा देकर ठगी कर रहा था। पुलिस ने आरोपी को मध्य प्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार यह मामला साइबर थाना शाहदरा में दर्ज एफआईआर संख्या 99/2025 के तहत जांच के दौरान सामने आया। शिकायतकर्ता राज, जो पूर्वी आजाद नगर, दिल्ली के निवासी हैं, ने पुलिस को बताया कि फेसबुक ब्राउज करते समय उन्हें विवाह संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने का एक विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद कुछ लोगों ने उनसे संपर्क किया और आकर्षक प्रस्ताव देकर अपनी सेवाएं लेने के लिए प्रेरित किया।
शिकायतकर्ता ने उनकी बातों पर भरोसा करते हुए विवाह संबंधी प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर विभिन्न शुल्क जमा कराए। आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए क्यूआर कोड के माध्यम से उन्होंने लगभग 81 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब कोई सेवा उपलब्ध नहीं कराई गई और संपर्क टूट गया तो उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने ठगी की रकम के लेन-देन का विश्लेषण किया। जांच में पता चला कि राशि शालिनी शिवारे नाम की महिला के बैंक खाते में पहुंची थी। आगे की पड़ताल में पुलिस ग्वालियर पहुंची जहां राजकुमारी नाम की महिला एक कॉल सेंटर संचालित करती मिली। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि “रिश्ते गाइड सर्विसेज” नाम से चल रहे कॉल सेंटर का वास्तविक संचालक प्रदीप साहू है और वह उसके निर्देशों पर काम करती थी।
इसके बाद साइबर थाना शाहदरा की विशेष टीम ने तकनीकी निगरानी और फील्ड वेरिफिकेशन के माध्यम से आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी। इंस्पेक्टर विजय कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने ग्वालियर में छापेमारी कर मुख्य आरोपी प्रदीप सिंह उर्फ प्रदीप साहू को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि वह पिछले लगभग पांच वर्षों से इस तरह के कॉल सेंटर संचालित कर रहा था। इस दौरान उसने ग्वालियर, गुना, अयोध्या और आजमगढ़ सहित विभिन्न शहरों में करीब 14 कॉल सेंटर स्थापित किए थे। इन कॉल सेंटरों में कर्मचारियों की भर्ती विज्ञापनों के माध्यम से की जाती थी और उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाता था।
आरोपी अपने कर्मचारियों को ऐसे लोगों से संपर्क करने के निर्देश देता था जो विवाह संबंधी सेवाओं की तलाश में होते थे। कर्मचारियों को पीड़ितों को शादी कराने का भरोसा दिलाने और रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोफाइल एक्टिवेशन शुल्क तथा अन्य फर्जी सेवा शुल्क के नाम पर पैसे वसूलने के लिए कहा जाता था। आरोपी ने यह भी बताया कि वह जानबूझकर 5 हजार से 10 हजार रुपये के बीच की रकम लेने की रणनीति अपनाता था क्योंकि उसे लगता था कि कम राशि होने पर अधिकांश लोग पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराएंगे।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 30 वर्षीय प्रदीप सिंह उर्फ प्रदीप साहू निवासी जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। इन उपकरणों से गिरोह के संचालन और उसके नेटवर्क से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं।
जांच में अब तक गिरोह से जुड़ी आठ संदिग्ध वित्तीय ट्रांजैक्शन का पता लगाया जा चुका है। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के शिकार लोगों की संख्या कहीं अधिक हो सकती है। जांच एजेंसियां अन्य सहयोगियों, पीड़ितों और आर्थिक लाभ लेने वाले लोगों की पहचान करने में जुटी हुई हैं।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे संगठित गिरोहों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाले विवाह, नौकरी या अन्य सेवाओं से जुड़े विज्ञापनों पर भरोसा करने से पहले उनकी पूरी तरह जांच-पड़ताल जरूर करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments