Delhi Police: दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: एमडीएमए सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़, 6.2 ग्राम ड्रग्स के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार
राजधानी दिल्ली में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पूर्वी जिला पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एमडीएमए ड्रग्स की सप्लाई में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 6.2 ग्राम एमडीएमए बरामद किया है, जिसे आगे सप्लाई करने की तैयारी की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान आरोपियों द्वारा इस्तेमाल की जा रही एक मारुति सुजुकी डिजायर कार को भी जब्त कर लिया गया है।
पूर्वी जिला पुलिस के अनुसार नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत स्पेशल स्टाफ की टीम लगातार निगरानी, गुप्त सूचना संग्रह और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग पूर्वी दिल्ली क्षेत्र में नशीले पदार्थों की सप्लाई में सक्रिय हैं और जल्द ही बड़ी खेप की डिलीवरी कर सकते हैं।
26 मई 2026 की शाम लगभग 7:30 बजे स्पेशल स्टाफ की टीम अक्षरधाम सेतु फ्लाईओवर के नीचे अक्षरधाम मेट्रो स्टेशन से नोएडा जाने वाली सड़क पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस की नजर सड़क किनारे खड़ी एक संदिग्ध मारुति सुजुकी डिजायर कार पर पड़ी। वाहन अक्षरधाम मंदिर और मेट्रो पिलर के पास खड़ा था। पुलिस टीम ने तत्काल वाहन को घेरकर जांच शुरू की।
कार के अंदर तीन युवक बैठे हुए मिले, जिनकी पहचान प्रवीण कुमार उर्फ जॉनी, अभिषेक और लक्ष्य के रूप में हुई। पूछताछ के दौरान तीनों अपनी मौजूदगी के संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद पुलिस ने वाहन की गहन तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार के डैशबोर्ड से एक संदिग्ध पैकेट बरामद हुआ, जिसमें करीब 6.2 ग्राम एमडीएमए पाया गया।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि बरामद नशीला पदार्थ आगे सप्लाई और वितरण के लिए रखा गया था। इसके बाद मंडावली थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 22, 25 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। बरामद ड्रग्स और वाहन को कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त कर लिया गया।
जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अलग-अलग पृष्ठभूमि से जुड़े हैं। प्रवीण कुमार उर्फ जॉनी 37 वर्ष का है और पेशे से ड्राइवर है। वहीं 28 वर्षीय अभिषेक और 23 वर्षीय लक्ष्य छात्र हैं। प्रारंभिक जांच में तीनों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है, लेकिन पुलिस अब उनके संपर्कों और गतिविधियों की गहन जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर केंद्रित है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि एमडीएमए की खेप कहां से लाई गई थी, इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही वित्तीय लेनदेन, सप्लाई चैन और अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े संभावित कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।
पूर्वी जिला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार के खिलाफ उसकी जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी और ऐसे अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें नशीले पदार्थों की तस्करी, ड्रग्स की बिक्री या किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें। पुलिस का कहना है कि जनता के सहयोग से ही एक सुरक्षित, जागरूक और नशामुक्त दिल्ली का निर्माण संभव है।
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दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: एमडीएमए सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़, 6.2 ग्राम ड्रग्स के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार
राजधानी दिल्ली में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पूर्वी जिला पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एमडीएमए ड्रग्स की सप्लाई में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 6.2 ग्राम एमडीएमए बरामद किया है, जिसे आगे सप्लाई करने की तैयारी की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान आरोपियों द्वारा इस्तेमाल की जा रही एक मारुति सुजुकी डिजायर कार को भी जब्त कर लिया गया है।
पूर्वी जिला पुलिस के अनुसार नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत स्पेशल स्टाफ की टीम लगातार निगरानी, गुप्त सूचना संग्रह और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग पूर्वी दिल्ली क्षेत्र में नशीले पदार्थों की सप्लाई में सक्रिय हैं और जल्द ही बड़ी खेप की डिलीवरी कर सकते हैं।
26 मई 2026 की शाम लगभग 7:30 बजे स्पेशल स्टाफ की टीम अक्षरधाम सेतु फ्लाईओवर के नीचे अक्षरधाम मेट्रो स्टेशन से नोएडा जाने वाली सड़क पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस की नजर सड़क किनारे खड़ी एक संदिग्ध मारुति सुजुकी डिजायर कार पर पड़ी। वाहन अक्षरधाम मंदिर और मेट्रो पिलर के पास खड़ा था। पुलिस टीम ने तत्काल वाहन को घेरकर जांच शुरू की।
कार के अंदर तीन युवक बैठे हुए मिले, जिनकी पहचान प्रवीण कुमार उर्फ जॉनी, अभिषेक और लक्ष्य के रूप में हुई। पूछताछ के दौरान तीनों अपनी मौजूदगी के संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद पुलिस ने वाहन की गहन तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार के डैशबोर्ड से एक संदिग्ध पैकेट बरामद हुआ, जिसमें करीब 6.2 ग्राम एमडीएमए पाया गया।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि बरामद नशीला पदार्थ आगे सप्लाई और वितरण के लिए रखा गया था। इसके बाद मंडावली थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 22, 25 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। बरामद ड्रग्स और वाहन को कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त कर लिया गया।
जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अलग-अलग पृष्ठभूमि से जुड़े हैं। प्रवीण कुमार उर्फ जॉनी 37 वर्ष का है और पेशे से ड्राइवर है। वहीं 28 वर्षीय अभिषेक और 23 वर्षीय लक्ष्य छात्र हैं। प्रारंभिक जांच में तीनों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है, लेकिन पुलिस अब उनके संपर्कों और गतिविधियों की गहन जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर केंद्रित है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि एमडीएमए की खेप कहां से लाई गई थी, इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही वित्तीय लेनदेन, सप्लाई चैन और अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े संभावित कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।
पूर्वी जिला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार के खिलाफ उसकी जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी और ऐसे अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें नशीले पदार्थों की तस्करी, ड्रग्स की बिक्री या किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें। पुलिस का कहना है कि जनता के सहयोग से ही एक सुरक्षित, जागरूक और नशामुक्त दिल्ली का निर्माण संभव है।



