Delhi Rain: दिल्ली में एनएच 24 पर बारिश से तबाही, पटपड़गंज में हाईवे बना तालाब
दिल्ली में आज सुबह से जारी मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर सरकारी दावों की पोल खोल दी। पूर्वी दिल्ली का पटपड़गंज इलाका और उससे गुजरने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-24 (एनएच 24) पूरी तरह जलमग्न हो गया। हाईवे पर जगह-जगह पानी भरने से हालात ऐसे बन गए मानो सड़क नहीं बल्कि नदी बह रही हो। पानी निकासी की व्यवस्था पूरी तरह से नाकाम साबित हुई और देखते ही देखते हाईवे पर करीब एक फुट से ज्यादा पानी जमा हो गया।
इस जलभराव का नतीजा यह रहा कि वाहनों की रफ्तार थम गई और सड़क पर लंबा जाम लग गया। कारें और बाइकें रेंग-रेंग कर आगे बढ़ती दिखीं जबकि भारी वाहन पूरी तरह फंस गए। इससे ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और यात्रियों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी। बारिश ने सिर्फ यातायात ही नहीं रोका बल्कि लोगों के धैर्य की भी परीक्षा ली।
स्थिति तब और अजीब हो गई जब आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और कुछ स्थानीय युवक विरोध जताने के लिए जमा पानी में उतर गए और तैराकी करने लगे। वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं, जिनमें सड़क पर नदी जैसे माहौल में लोग मजाकिया अंदाज में तैरते और खेलते नजर आए। लोगों का कहना है कि यह केवल विरोध ही नहीं बल्कि प्रशासन की लापरवाही पर एक व्यंग्य है।
स्थानीय निवासियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हर साल बारिश के मौसम में यही कहानी दोहराई जाती है। एनएच 24 जैसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार जलभराव होना इस बात का प्रमाण है कि नगर निगम और संबंधित एजेंसियों ने जल निकासी के लिए ठोस इंतजाम नहीं किए। लोगों का कहना है कि सरकारें बड़े-बड़े वादे करती हैं लेकिन ज़मीनी हकीकत हर बार उजागर हो जाती है।
पटपड़गंज, आनंद विहार और आसपास के इलाकों में घंटों तक यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। कई यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़े, जिससे उन इलाकों में भी जाम की स्थिति पैदा हो गई। नाराज यात्रियों ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर इस तरह की बदहाल स्थिति न केवल राजधानी की छवि धूमिल करती है बल्कि यह भी दर्शाती है कि आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
बारिश के बाद दिल्लीवासियों ने एक बार फिर यही सवाल उठाया है कि आखिर हर साल करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जलभराव की समस्या क्यों कायम रहती है? लोगों की मांग है कि जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो और स्थायी समाधान निकाला जाए, वरना हर बारिश में दिल्लीवालों को इसी तरह की मुसीबत का सामना करना पड़ेगा।



