Delhi Rehab Centre Death: पूर्वी दिल्ली में नशा मुक्ति केंद्र में युवक की संदिग्ध मौत, परिवार ने मालिक पर लगाया हत्या का आरोप
पूर्वी दिल्ली के विश्वास नगर स्थित शंकर गली से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। परिजनों का आरोप है कि उनका बेटा, जो पिछले लगभग तीन वर्षों से लोनी के एक नशा मुक्ति केंद्र में रह रहा था, वहां लगातार प्रताड़ना और मारपीट का शिकार होता रहा। आरोप है कि नशा मुक्ति केंद्र के मालिक दीपक ने उसकी बेरहमी से पिटाई की, जिसके कारण युवक की मौत हो गई।
परिवार ने बताया कि उनका बेटा नशे का आदी हो गया था, जिसके चलते उसे सुधारने की उम्मीद में लोनी स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था। लेकिन वहां सुधार के बजाय उसे लगातार यातनाएं दी जाती रहीं। केंद्र में रह रहे अन्य युवकों ने भी खुलासा किया कि मालिक दीपक आए दिन उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट करता था।
युवकों के मुताबिक, मृतक ने केंद्र में रखा दूध पीते समय थोड़ी सी मलाई खा ली थी। इसी बात पर नाराज़ होकर दीपक ने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। आरोप है कि उसने युवक के चेहरे और आंखों पर बुरी तरह वार किए और तब तक मारता रहा जब तक उसकी हालत गंभीर न हो गई। लगातार पिटाई के बाद युवक वहीं बेहोश होकर गिर पड़ा और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।
सूत्रों के अनुसार, जब दीपक को एहसास हुआ कि युवक की मौत हो चुकी है, तो वह घबराकर पहले उसे किसी निजी अस्पताल ले गया। लेकिन वहां स्थिति स्पष्ट होने पर उसने युवक को जीटीबी अस्पताल पहुंचाया और तुरंत वहां से फरार हो गया।
नशा मुक्ति केंद्र में रह रहे अन्य युवकों ने भी बताया कि उनके साथ भी आए दिन मारपीट होती थी और दीपक द्वारा उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। कई युवकों ने तो डर और उत्पीड़न के चलते केंद्र से भागने का भी प्रयास किया था।
मृतक के परिवार और केंद्र से भागकर आए युवकों के आरोपों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। पुलिस को दी गई शिकायत में परिवार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि दीपक की बेरहमी ही उनके बेटे की मौत का कारण बनी है।
फिलहाल, पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार चल रहे नशा मुक्ति केंद्र के मालिक दीपक की तलाश की जा रही है। यह मामला नशा मुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली और उनमें कैदियों जैसे रखे जा रहे युवकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।



