Encounter in Dwarka: काला जठेड़ी गिरोह का बदमाश विकास उर्फ बग्गा मुठभेड़ में गिरफ्तार, हेड कॉन्स्टेबल की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी गोली
पश्चिमी दिल्ली के द्वारका जिले में पुलिस और अपराधियों के बीच मंगलवार को हुई मुठभेड़ में कुख्यात काला जठेड़ी गिरोह से जुड़े बदमाश विकास उर्फ बग्गा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी एक योजनाबद्ध कार्रवाई के तहत की गई, जब पुलिस को सूचना मिली कि विकास अपने साथियों से मिलने और किसी बड़ी वारदात की योजना बनाने वाला है। मुठभेड़ के दौरान एक गोली हेड कॉन्स्टेबल संदीप की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे उनकी जान बाल-बाल बची। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया और फिर औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने बताया कि स्पेशल स्टाफ को गुप्त सूचना मिली थी कि काला जठेड़ी गिरोह का सक्रिय सदस्य विकास उर्फ बग्गा अपने साथियों से मिलने और नई वारदात की साजिश रचने के लिए मंगेशपुर ड्रेन, दिचाऊं-हिरनकुदाना रोड के पास आएगा। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर जाल बिछाया और इलाके को चारों ओर से घेर लिया। कुछ देर बाद जब पुलिस ने आरोपी को एक स्कूटी पर आते देखा और रुकने का इशारा किया, तो उसने अचानक पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। उसने पुलिस पर करीब तीन राउंड गोलियां चलाईं, जिनमें से एक गोली हेड कॉन्स्टेबल संदीप की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। संदीप सुरक्षित रहे और उन्होंने तुरंत जवाबी कार्रवाई की। पुलिस की सटीक फायरिंग से विकास उर्फ बग्गा के पैर में गोली लगी और वह मौके पर ही गिर पड़ा। पुलिस ने बिना देर किए उसे काबू में लेकर अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विकास उर्फ बग्गा कुख्यात अपराधियों अनिल चिप्पी और काला जठेड़ी के गिरोह से सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है और उस पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी पर हत्या, लूट, रंगदारी और हथियार अधिनियम के कई मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। वह लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था और दिल्ली-हरियाणा की सीमा पर लगातार सक्रिय था। पुलिस का कहना है कि विकास और उसके साथी हाल ही में द्वारका क्षेत्र में एक वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।
इस मुठभेड़ के बाद द्वारका जिला पुलिस ने पूरे क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया और आरोपी के गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि विकास इस क्षेत्र में किससे मिलने वाला था और उसका उद्देश्य क्या था। पुलिस का मानना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती तो आरोपी किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम दे सकता था। इस घटना के बाद पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा की जा रही है। डीसीपी अंकित सिंह ने हेड कॉन्स्टेबल संदीप और उनकी टीम की बहादुरी की सराहना की, जिन्होंने जोखिम के बावजूद आरोपी को जिंदा पकड़ने में सफलता हासिल की। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर गिरोह के बाकी सदस्यों और उनकी योजनाओं के बारे में जानकारी जुटा रही है।



